क्या है e-NAM स्कीम, जिसका फायदा लेने के लिए जुड़े 1.67 करोड़ किसान

 

E-nam सेवा, लेने के लिए जुड़े 1.67 करोड़ किसान

किसानों की आये बढ़ाने के लिए सरकार रोजाना अहम कदम उठा रही है किसानों की और नजर रखते हुए नरेन्द्र मोदी जी ने (Government of India) ने नेशनल एग्रीकल्चर मार्किट को यानी e-nam को  (e-nam mandi) शुरू की है ।खेती-किसानी एवं कृषि उत्पादों के कारोबार में 1.68 करोड़ किसान जुड़ चुके है

क्या है e-NAM स्कीम, जिसका फायदा लेने के लिए जुड़े 1.67 करोड़ किसान 

नई दिल्ली-किसानों की आये बढ़ाने के लिए सरकार रोजाना अहम कदम उठा रही है किसानों की और नजर रखते हुए नरेन्द्र मोदी जी ने (Government of India) ने नेशनल एग्रीकल्चर मार्किट को यानी e-nam को  (e-nam mandi) शुरू की है ।खेती-किसानी एवं कृषि उत्पादों के कारोबार में 1.68 करोड़ किसान जुड़ चुके है।केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र तोम के मुताबिक इस स्कीम से 1,65,73,893 किसान रजिस्टर कर चुके है मंत्रालय के मुताबिक 1,26,556 ट्रेडर औऱ 70,665 कमिसन एजेंट भी जुड़ चुके है अगर आप भी किसान है तो जाकर e-nam पर रजिस्टर करें और अपने उत्पादों के लिए अधिक पैसे मिल सके।

आपको बता दूँ कि साल 2017 तक ई-मंडी में 17 हजार किसान ही जुड़े हुए थे। ई नाम एक सरकारी ऑफिसियल वेबसाइट है ये पूरे भारत को मौजूदा प्रोडक्ट मार्केटिंग कमेटी को एक नेटवर्क में जोड़ने काम कर रही है इस सेवा का ये मतलब है इसे इंटरनेशनल के अस्तर पर एक बाजार उपलब्ध कराना है।इसके फायदे से किसानों को अच्छी आय मिल रही है और इस पर अब किसान बहुत तेजी से जुड़ रहे है देश मे18 राज्यों में इसका काम हो रहा है।

इंटरनेट से जोड़ी जा चुकी है देश की 585 मंडिया ई नाम के तहत देव 6 के
बिभिन्न राज्यो में स्तिथ कृषि  उपज मंडी को इंटरनेट के जरिये जोड़ा गया है. इसका टारगेट है पूरे देश को मंडी बनाना। जैसे कोई भी किसान उत्तर प्रदेश से दिल्ली, बिहार कही भी बेचने में उसे आसानी मिलेगी।

इसका मतलब है कि अब दलाल पैसे नही खा सकेंगे अब किसान ऑनलाइन बेच सकता है अपने उपज को और व्यापारियों के बीच कोई भी नुकसान नहो हो पायेगा, क्योकि पूरा व्यापपर के माध्यम से ही होगा।

Modi Government Enam Scheme near about 2 core Farmer registered Know Everything eNAM in Hindi dlop 




किसान को इस टेंशन से मिल रही है छुट्टी- बाजार और उत्पाद का अच्छा दाम मिलना किसानों की सबसे बड़ी समस्या है. किसान बड़ी हसरत से अपने खेत में बुआई करता है, फसल तैयार करता है, महीनों बाद जब फसल तैयार हो जाती है तो उसे बाजार का संकट होने लगता है. वह फसल काट कर मंडी ले जाता है, और वहां जब उसका औना–पौना दाम लगता है तो वो परेशान हो उठता है.

क्या है e-Nam: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के इस सबसे बड़े दर्द समझा और फसलों की ऑनलाइन बिकवाली के लिए देश भर में कृषि बाजार (ई-मंडी) खोल दी. इसका मतलब है राष्ट्रीय कृषि बाजार.

Modi Government Enam Scheme near about 2 core Farmer registered Know Everything eNAM in Hindi dlop 

>> इसकी शुरुआत 14 अप्रैल, 2016 को की गई थी. इसके तहत रजिस्टर्ड होकर किसान अपनी उपज अच्छी कीमत पर कहीं भी बेच सकते हैं.

>> अब वे बिचौलियों और आढ़तियों पर निर्भर नहीं हैं. सरकार ने अब तक देश की 585 मंडियों को ई-नाम के तहत जोड़ा है.

>> केंद्रीय कृषि मंत्रालय के तहत काम करने वाला 'लघु कृषक कृषि व्यापार संघ' (एसएफएसी) ई-नाम को लागू करने वाली सबसे बड़ी संस्था है. सरकार की योजना इस साल 200 एवं अगले साल 215 और मंडियों को इससे जोड़ने की है.

>> देशभर में करीब 2,700 कृषि उपज मंडियां और 4,000 उप-बाजार हैं. पहले कृषि उपज मंडी समितियों के भीतर या एक ही राज्य की दो मंडियो में कारोबार होता था. हाल ही में पहली बार दो राज्यों की अलग-अलग मंडियो के बीच ई-नाम से व्यापार किया गया.

ई-नाम के साथ जुड़ने का तरीका-  सबसे पहले आपको सरकार की ओर से जारी की गई वेबसाइट www.enam.gov.in पर जाना  होगा.

>> इसके बाद रजिस्ट्रेशन टाइप करना होगा. वहां किसान (Farmer) का एक ऑप्शन दिखाई देगा.

>> फिर आपको अपनी ई-मेल आईडी देना होगी. इसमें आपको ई-मेल के जरिए लोगिन आईडी ओर पासवर्ड का मेल आएगा.

>> इसके बाद आपको टैंपरेरी ई-मेल आईडी और पासवर्ड भेजा जाएगा. फिर आप www.enam.gov.in की वेबसाइट पर लॉगिन कर डैशबोर्ड पर आप अपने KYC डॉक्युमेंट से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं.

जैसे ही APMC आपके KYC को अप्रूव करेगा. वैसे ही आप अपना कारोबार शुरू कर पाएंगे.

अधिक जानकारी के लिए आप https://enam.gov.in/web/resources/registration-guideline पर जानकर जानकारी ले सकते हैं.

 

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