National sc-st hub kya hai

मुख्य उद्देश्य

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति उद्यमियों को व्‍यावसायिक सहायता उपलब्‍ध कराने के लिए नेशनल एस सी एस टी हब स्‍थापित किया गया है ताकि इस वर्ग के उद्यमी सूक्ष्‍म एवं लघु उद्यमों के लिए केंद्रीय सरकार की सरकारी खरीद नीति आदेश के अंतर्गत दायित्‍व पूरे करने के लिए, प्रचलित व्‍यवसाय पद्धतियों को अपनाने और स्‍टैंड अप इंडिया पहल का लाभ उठाने में मदद ले सकें |

कार्रवाई के अन्‍य मुख्‍य बिंदुओं में निम्‍नलिखित शामिल है:

  • केंद्रीय/ राज्‍य सरकारों, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों और अन्‍य सरकारी एजेंसियों द्वारा की जा रही खरीद के कम से कम उनका 4 प्रतिशत का हिस्‍सा प्राप्‍त करने के लिए अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति की स्‍वामित्‍व वाली इकाइयों को प्रोत्‍साहित करना।
  • सरकारी खरीद प्रक्रिया में भाग लेने के लिए अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के स्‍वामित्‍व वाली इकाइयों को संवेदनशील करने, प्रोत्‍साहित करने और समर्थ बनाने के लिए उद्योग संघों के जरिए हस्‍तक्षेप हेतु रणनीति तैयार करना।
  • अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति उद्यमों और उद्यमियों के संबंध में सूचना का संग्रहण, मिलान और प्रसार।
  • ऐसे उद्यमियों के उत्‍पादों/सेवाओं का मिलान करते हुए विशिष्‍ट केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम द्वारा मेंटरिंग सहायता और विकास वेंडर कार्यक्रमों का एक भाग बनने के लिए अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति उद्यमियों को सुविधा प्रदान करना।
  • डीजीएसएंडडी के ई-प्‍लेटफार्म के जरिए सरकारी खरीद में अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों की सहभागिता में सुविधा प्रदान करना और प्रगति को मॉनीटर करना।

                     

       agenda 

 

एनएसएसएच की संरचना

यह हब, राष्‍ट्रीय ल्रघु उद्योग निगम (एनएसआईसी) के दिल्ली स्थित मुख्‍यालय से संचालित है जिसे इस उद्देश्‍य के लिए सृजित एक विशेष सेल द्वारा कार्यान्वित किया जाता है । इसके लिए तीन समितियां गठित की गई हैं जो इस हब के कार्यचालन में सहायता करती हैं।

उच्‍च अधिकारप्राप्‍त मॉनीटरिंग समिति

केंद्रीय एमएसएमई मंत्री इस समिति के अध्‍यक्ष हैं। इस समिति के सदस्‍य राज्‍यों, विभिन्‍न मंत्रालयों, उद्योग संघों और अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति उद्यमियों सहित विभिन्‍न स्‍टेकहोल्‍डरों के प्रतिनिधि हैं। प्राथमिकत: यह समिति उच्‍चतम स्‍तर पर हब के समग्र क्रियाकलापों को मॉनीटर करती है।

सलाहकार समिति

इस समिति के अध्‍यक्ष श्री मिलिंद कामले, अध्‍यक्ष, डीआईसीसीआई (दलित इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्‍ट्री) हैं। यह समिति प्रत्‍यक्ष रूप से उच्‍चाधिकार प्राप्‍त मॉनीटरिंग समिति के अधीन कार्य करती है। यह लक्ष्‍य समूह और सरकार के बीच एक प्रभावी, परस्‍पर रूप से लाभकारी संबंध विकसित करने के उद्देश्‍य से उद्योग और अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति उद्यमियों को हब में लाती है। यह विविध रूप से आपूर्तिकर्ता को प्रोत्‍साहित करने के लिए निजी सेक्‍टर में सकारात्‍मक कार्रवाई को बढ़ावा देने में भी सहायता करती है।

उच्‍चाधिकार प्राप्‍त परियोजना अनुमोदन समिति

इस समिति की अध्‍यक्षता सचिव, एमएसएमई मंत्रालय भारत सरकार करते हैं। क्‍योंकि इस हब का स्‍वरूप गतिक है और इसमें विचारित अवधि में विकास होगा, इसलिए विभिन्‍न क्रियाकलापों के लिए निधि की आवश्‍यकता में, पहचान किए गए ध्‍यान केंद्रित क्षेत्रों में परिवर्तनों या जोर दिए गए क्षेत्रों पर निर्भर करते हुए परिवर्तन होने की संभावना है। यह समिति अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति उद्यमियों की बदलती आवश्‍यकताओं को शामिल करने की दृष्टि से ऐसे लचीलेपन सुनिश्चित करेगी।

 

 अनुसूचित जाति / जनजाति के उद्यमियों को व्यावसायिक सहायता उपलब्ध कराने के किए नेशनल एस सी एस टी हब स्थापित किया किया गया ताकि सूक्ष्‍म एवं लघु उद्यमी केंद्रीय सरकार की सरकारी खरीद नीति आदेश, 2012 के अंतर्गत दायित्‍व पूरे करने के लिए, प्रचलित व्‍यवसाय पद्धतियां को अपनाने और स्‍टैंड अप इंडिया पहल का लाभ उठा सकें | इस हब का शुभारंभ माननीय प्रधान मंत्री महोदय श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 18 अक्‍तूबर, 2016 को किया गया था।

यह हब इस एमएसएमई मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रणाधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम राष्‍ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी) के माध्‍यम से एमएसएमई मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है |


 

 

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